फिर बिजली महंगी करने की तैयारी
अगले साल विधानसभा चुनाव है इस कारण बिजली महंगी होने की संभावना कम है, लेकिन बिजली कंपनियों ने प्रस्ताव तैयार करना शुरू कर दिया है। ३१ दिसंबर तक प्रस्ताव जमा होना है। बिजली कंपनियों की रणनीति है कि यदि अगले साल बिजली महंगी नहीं करने दी जाती है तो भी एफसीए के जरिए तीन महीने की वृद्धि में दाम बढ़ा दिए जाए और घाटा रिकवर किया जाए। इसके तहत आम उपभोक्ता पर बोझ बढता तो तय है, भले ही चुनावी कारणों से सालाना वृद्धि न हो लेकिन एफसीए पहले से ज्यादा बोझ आम आदमी की जेब पर बढ़ाएगा।
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